ए. एच. पी. इन्टर कॉलेज के संस्थापक श्री ठाकुर छज्जू सिंह पुण्डीर हैं | आप एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाजसेवी थे | आपने देश की आजादी के लिए कई विद्रोह किये | आपने पहला विद्रोह 10 जुलाई 1928 को सहारनपुर में एक जलूस का नेतृत्व करते हुए किया , उन्हें इस विद्रोह के लिए गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें इस विद्रोह के लिए 1 वर्ष का कठोर कारावास और 100 रुपये का जुर्माना करते हुए केन्द्रीय कारागार बरेली भेजा गया | ठाकुर छज्जू सिंह पुण्डीर को दूसरी बार क्रान्ती करने के लिए गिरफ्तार किया गया और उन्हें इसके लिए 1 वर्ष का कठोर कारावास के तहत उन्हें लैंप जेल लखनऊ भेजा गया | 1942 में उन्होंने शहर के कोतवाल की हत्या की , इस जुर्म को देखते हुए उन्हें देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गये जिसके कारण उन्हें उस समय भूमिगत होना पड़ा | स्वतंत्रता आन्दोलन में आपको कई बार कारागार में रहना पड़ा | ठाकुर छज्जू सिंह पुण्डीर ने एकमात्र ए0 एच0 पी0 इण्टर कॉलेज, छुटमलपुर की स्थापना दिनांक 25 जून दिनांक 1946 में की | उनकी मृत्यु के पश्चात उनकी समाधि विद्यालय में स्थापित है | आपने अपनी पूरी जिन्दगी स्वतंत्रता आन्दोलन तथा विद्यालय एवं समाज को समर्पित किया |